WhatsApp and Telegram Group Card
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

ॐ जय शिव ओंकारा आरती: सम्पूर्ण पाठ, महत्व और लाभ | Shiv Omkara Aarti in Hindi

ॐ जय शिव ओंकारा आरती (Shiv Omkara Aarti in Hindi)

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव…

एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव…

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव…

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी,
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ॐ जय शिव…

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव…

कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता,
जगकर्ता जगभर्ता जग संहारकर्ता॥ ॐ जय शिव…

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर में शोभित यह त्रिवेद का टीका॥ ॐ जय शिव…

शिव ओंकारा शिव ओंकारा हर ऊंकारा,
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव…

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव…

ॐ जय शिव ओंकारा आरती: सम्पूर्ण पाठ, महत्व और लाभ | Shiv Omkara Aarti in Hindi

शिव ओंकारा आरती का महत्व और लाभ

  • इस आरती के नियमित पाठ से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति आती है।
  • शिव भक्तों की सभी इच्छाएँ पूरी होती हैं।
  • यह मन को एकाग्र और आत्मा को शांत करती है।
  • कठिन समय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।